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शिशॠका मल: कà¥à¤¯à¤¾ सामानà¥à¤¯ है, कà¥à¤¯à¤¾ नहीं
हो सकता है यह बहà¥à¤¤ हैरत की बात है लगे, मगर वासà¥à¤¤à¤µ में माता-पिता अपना काफी समय शिशॠका मल देखने में बिताते हैं! शिशॠका मल कà¥à¤› अलग रंग का हो, पतला या ठोस हो या फिर शिशॠबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम बार मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर रहा हो, तो माता-पिता को चिंता होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है।
सबसे पहली बात तो यह है कि आपके शिशॠके लिठकà¥à¤¯à¤¾ सामानà¥à¤¯ है, वह नीचे दी गई बातों पर निरà¥à¤à¤° करेगा, जैसे कि:
शिशॠकी उमà¥à¤° कà¥à¤¯à¤¾ है
शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता है या बोतल से दूध पीता है
शिशॠने ठोस आहार लेना शà¥à¤°à¥ कर दिया है या नहीं
जनà¥à¤® से लेकर शिशॠके पहले साल तक उसके मल में काफी बदलाव आता है। यह à¤à¥€ संà¤à¤µ है कि उसका मल आज कà¥à¤› और तरह का हो, और अगले दिन ही उसमें बदलाव आ जाà¤! आप जलà¥à¤¦ ही यह पहचान जाà¤à¤‚गी कि आपके शिशॠका मल आमतौर पर कैसा रहता है।
यदि आपके शिशॠके मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— का तरीका à¤à¤• समान रहता है, शिशॠहमेशा की तरह सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहता है और उसका वजन à¤à¥€ निरंतर बढ़ रहा है तो चिंता की बात नहीं है। मगर यदि आपको अचानक से बदलाव नजर आठया à¤à¤¸à¥‡ संकेत नजर आà¤à¤‚ कि शिशॠअसहज है या खà¥à¤¶ नहीं है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
मेरे नवजात शिशॠका मल कैसा होगा?
जनà¥à¤® के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ à¤à¤•-दो दिन तक आपका शिशॠमल के रूप में मिकोनियम बाहर निकालेगा। मिकोनियम हरे-काले रंग का चिपचिपा और टार जैसी पà¥à¤°à¤•ृति का होता है। यह शà¥à¤²à¥‡à¤® (मà¥à¤¯à¥‚कस), à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ और जो कà¥à¤› शिशॠगरà¥à¤ के अंदर रहकर निगलता है, उस सबसे बना होता है।
शिशॠके छोटे-छोटे नितंबों से मिकोनियम को पौंछना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है, मगर इसकी उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ इस बात का संकेत है कि शिशॠकी आंते सामानà¥à¤¯ ढंग से कारà¥à¤¯ कर रही हैं।
अगर मैं सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा रही हूं, तो शिशॠका मल कैसा होगा?
आपका पहला दूध यानि कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® à¤à¤• रेचक (लैकà¥à¤¸à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ) के तौर पर कारà¥à¤¯ करता है और मिकोनियम को शिशॠके शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। जब आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में अचà¥à¤›à¥€ तरह दूध आने लगता है, करीब तीन दिनों के बाद, तो आपके शिशॠके मल में धीरे-धीरे बदलाव आà¤à¤—ा। अब वह à¤à¤¸à¤¾ होगा:
कम से कम à¤à¤• सिकà¥à¤•े के माप का।
रंग थोड़ा हलà¥à¤•ा होगा, जो कि हरे-à¤à¥‚रे से बदलकर अब सरसों के रंग जैसा पीला और चटकीला हो गया होगा। इस पीले मल से हलà¥à¤•ी सी मीठी गंध à¤à¥€ आ सकती है।
बनावट में थोड़ा पतला। शिशॠका मल कà¤à¥€ दानेदार और कà¤à¥€ फटे हà¥à¤ दूध की तरह दिख सकता है।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, आपका शिशॠहर बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान या इसके बाद मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर सकता है। पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में वह à¤à¤• दिन में औसतन करीब चार बार मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करेगा। जलà¥à¤¦ ही शिशॠकी मल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो जाà¤à¤—ी। इसके बाद आप पाà¤à¤‚गी कि शिशॠहर दिन à¤à¤• समान समय पर मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर रहा है।
​शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले कà¥à¤› शिशॠà¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• बार ही मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करते हैं। यदि शिशॠका मल नरम है और आसानी से बाहर निकल रहा है ता इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है। आपके शिशॠके मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में निमà¥à¤¨ कारणों से परिवरà¥à¤¤à¤¨ आ सकता है:
जब आप शिशॠको ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥ करती हैं
जब उसकी तबियत ठीक न हो
जब वह कम बार दूध पी रहा हो
कà¥à¤¯à¤¾ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध से शिशॠके मल पर असर पड़ता है?
अगर, आप अपने शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिला रही हैं, तो उसका मल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠसे अलग हो सकता है। आप पाà¤à¤‚गी कि उसका मल:
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बनावट में थोड़ा ठोस (टूथपेसà¥à¤Ÿ की बनावट जैसा)। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की तरह फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पूरी तरह पचाया नहीं जा सकता।
फीकी पीली रंगत या पीला-à¤à¥‚रा रंग
तीकà¥à¤·à¥à¤£ दà¥à¤°à¥à¤—ंध, जैसे कि वयसà¥à¤•ों के मल से आती है
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बोतल से दूध पीने वाले शिशà¥à¤“ं को कबà¥à¤œ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। अगर आपको लगे कि शिशॠको कोई तकलीफ है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠके मल में बदलाव होगा अगर वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़कर फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीà¤?
हां, इसमें बदलाव आà¤à¤—ा। आप शायद पाà¤à¤‚ कि शिशॠका मल अब गहरे रंग का और पेसà¥à¤Ÿ जैसा हो गया है। इनमें से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दà¥à¤°à¥à¤—ंध à¤à¥€ आ सकती है।
अगर आप शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध से अब फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना चाह रही हैं, तो इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ धीरे-धीरे करें, आदरà¥à¤¶à¤¤: कई हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का समय लेकर।
इससे आपके शिशॠके पाचन तंतà¥à¤° को फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध के अनà¥à¤°à¥‚प ढलने का समय मिल सकेगा और कबà¥à¤œ से बचने में à¤à¥€ मदद मिलेगी। साथ ही, इससे आपको à¤à¥€ दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥‡, सूजे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ और मैसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने का खतरा कम रहेगा।
जब शिशॠको बोतल से दूध पीने की आदत हो जाती है, तो उसके मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ पूरी तरह बदल सकती है!
ठोस आहार लेने के बाद शिशॠका मल कैसा होगा?
शिशॠजब ठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥ करता है, तो इसका उसके मल पर काफी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। आप पाà¤à¤‚गी कि शिशॠजो à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाता है, उसका मल à¤à¥€ उसी तरह का होता है। अगर आप उसे गाजर की पà¥à¤¯à¥‚री खिलाà¤à¤‚गी, तो उसका मल चटक नारंगी रंग का होगा।
आप पाà¤à¤‚गी कि फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे कि राजमा, मटर, किशमिश शिशॠके मल से साबà¥à¤¤ ही बाहर निकल जाती हैं। शिशॠइनको पचा नहीं पाया है। जैसे-जैसे शिशॠबड़ा होगा इसमें बदलाव आà¤à¤—ा और वह अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से फाइबर को पचा पाà¤à¤—ा।
शिशॠधीरे-धीरे जब विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ वैरायटी के à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने लगता है, तो उसका मल à¤à¥€ गाढ़ा, गहरे रंग का व और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बदबूदार हो जाà¤à¤—ा। निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित
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